डेटा लिंक लेयर (Data Link Layer) And सेशन लेयर (Session Layer)
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Data Link Layer And Session Layer in Hindi
OSI मॉडल (Open System Interconnection Model) में कुल 7 लेयर होती हैं। इनमें से डेटा लिंक लेयर दूसरी (2nd) लेयर होती है, और सेशन लेयर पाँचवीं (5th) लेयर होती है। दोनों लेयर का अपना अलग और महत्वपूर्ण कार्य होता है। नीचे विस्तार से समझाया गया है
1. डेटा लिंक लेयर (Data Link Layer)
डेटा लिंक लेयर का कार्य नेटवर्क में दो सीधे जुड़े डिवाइसों के बीच त्रुटि-मुक्त (error-free) डेटा ट्रांसफर सुनिश्चित करना होता है। यह लेयर फिजिकल लेयर और नेटवर्क लेयर के बीच काम करती है।
मुख्य कार्य (Functions of Data Link Layer):
- Framing (फ्रेमिंग)
- Error Detection and Correction (त्रुटि पहचान और सुधार)
- Flow Control (प्रवाह नियंत्रण)
- Access Control (एक्सेस कंट्रोल)
- Physical Addressing (भौतिक एड्रेसिंग)
- उदाहरण:
यह लेयर नेटवर्क लेयर से आने वाले डेटा को फ्रेम (Frame) नामक छोटे-छोटे यूनिट में बदलती है ताकि उन्हें भेजना आसान हो सके।
डेटा ट्रांसफर के दौरान यदि कोई गलती होती है तो यह लेयर उसे पहचान कर सुधार करती है।
यह लेयर सुनिश्चित करती है कि सेंडर और रिसीवर की स्पीड एक जैसी हो ताकि डेटा लॉस न हो।
यदि एक ही नेटवर्क में कई डिवाइस एक साथ डेटा भेजना चाहते हैं, तो यह लेयर तय करती है कि कौन-सा डिवाइस कब भेजेगा।
यह लेयर प्रत्येक डिवाइस की पहचान MAC Address के रूप में करती है ताकि सही गंतव्य को डेटा भेजा जा सके।
Ethernet, PPP (Point to Point Protocol), HDLC आदि प्रोटोकॉल इस लेयर पर कार्य करते हैं।
2. सेशन लेयर (Session Layer)
सेशन लेयर का कार्य दो डिवाइसों के बीच सेशन (Session) यानी संचार सत्र को बनाना, नियंत्रित करना और समाप्त करना होता है। यह लेयर प्रेजेंटेशन लेयर और ट्रांसपोर्ट लेयर के बीच कार्य करती है।
मुख्य कार्य (Functions of Session Layer):
- Session Establishment, Maintenance, and Termination (सेशन की स्थापना, प्रबंधन और समाप्ति)
- Synchronization (समकालिकता)
- Dialog Control (संवाद नियंत्रण)
- Communication Management (संचार प्रबंधन)
- उदाहरण:
यह लेयर संचार शुरू करने के लिए सेशन बनाती है, उसे बनाए रखती है और काम पूरा होने पर बंद कर देती है।
यह लेयर लंबे डेटा ट्रांसफर में चेकपॉइंट (checkpoints) लगाती है ताकि किसी त्रुटि के बाद वहीं से डेटा फिर से भेजा जा सके।
यह तय करती है कि संचार एकतरफा (half duplex) या दोतरफा (full duplex) होगा।
सेशन लेयर यह सुनिश्चित करती है कि प्रेषक (sender) और प्राप्तकर्ता (receiver) सही ढंग से जुड़े रहें।
NetBIOS, RPC (Remote Procedure Call), SQL, NFS (Network File System) आदि इस लेयर पर काम करते हैं।
डायग्राम (Simplified OSI Model with Focus on These Layers):
चित्र: OSI मॉडल में Data Link And Session Layer
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